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Basic Computer Fundamental

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Basic Computer Fundamental

 कंप्यूटर क्या है? – What is Computer in


Hindi?
 कंप्यूटर एक मशीन है जो यूजर के द्वारा दिए गये निर्देशों
का पालन करती है और इन निर्देशों को प्रोसेस करके आउटपुट
प्रदान करती है.
 दूसरे शब्दों में कहें तो, “कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक
डिवाइस है जो यूजर के द्वारा दिए गये निर्देश या कमांड को
इनपुट के रूप में लेता है और इस निर्देश को प्रोसेस करके
आउटपुट प्रदान करता है.”
 कंप्यूटर का मुख्य काम गणना करना, डाटा को स्टोर और प्रोसेस करना होता है.
 Computer का पूरा नाम Common Operating Machine Purposely Used
for Technological and Educational Research (कॉमन ऑपरेटिंग मशीन पर्पसली
यूज्ड फॉर टेक्नोलॉजिकल एंड एजुकेशनल रिसर्च) होता है.
 Computer शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के compute शब्द से हुई है जिसका
अर्थ है ‘गणना करना’.
 कंप्यूटर का अविष्कार ‘चार्ल्स बेबेज (Charles Babbage)’ ने किया था.
इसलिए चार्ल्स बेबेज को ‘कंप्यूटर का पिता’ भी कहा जाता है.
 हम कंप्यूटर का इस्तेमाल गेम खेलने, पढाई करने, डॉक्यूमेंट को टाइप करने,
विडियो देखने और इंटरनेट चलाने के लिए कर सकते हैं.
 कंप्यूटर एक मशीन है जो बिना थके बहुत लम्बे समय तक कार्य कर सकता है.
मनुष्य लम्बे समय तक लगातार काम नहीं कर सकता और इसे आराम की जरूरत होती
है. लेकिन कंप्यूटर लम्बे समय तक बिना थके और बिना गलती किये काम करता है.
 कंप्यूटर को हिंदी में ‘संगणक’ कहा जाता है.
कंप्यूटर की कार्य प्रणाली
कंप्यूटर के कार्य करने के तीन step (पद) होते है:-
a) Input (इनपुट) – इनपुट वह प्रक्रिया है जिसमें यूजर के द्वारा कंप्यूटर
को निर्देश या कमांड दिया जाता है.
b) Process (प्रोसेस) – इस स्टेप में, कंप्यूटर
निर्देश को प्रोसेस करता है.
c) Output (आउटपुट) – इस स्टेप में, कंप्यूटर यूजर को आउटपुट प्रदान करता
है.
कंप्यूटर की विशेषता – Features of
Computer
1:- Speed (गति)
कंप्यूटर के काम करने की स्पीड काफी तेज होती है। कंप्यूटर इंसानो की
तुलना में बहुत तेजी से कार्यो को करते है। यह एक सेकंड में एक लाख से भी
ज्यादा कार्यों को पूरा कर सकते है। किसी मनुष्य को गुणा, भाग करने में 1 से
2 मिनट का समय लगता है जबकि कंप्यूटर गुणा, भाग को 1 सेकंड से भी कम समय में
पूरा कर सकता है.
2:- Accurate (सटीक)
कंप्यूटर बिना गलती किये किसी भी काम को पूरा करता है. मनुष्य एक काम को
करने में बहुत गलती करता है जबकि कंप्यूटर बिना गलती किये अपने कार्य को
पूरा कर लेता है.
3:- Reliable (विश्वसनीय)
कंप्यूटर बहुत ही विश्वसनीय होता है. हम कंप्यूटर को जितनी बार भी
इनपुट देंगे तो कंप्यूटर हमें हमेशा सही आउटपुट ही प्रदान करेगा। इसी वजह से
हम मनुष्य से ज्यादा कंप्यूटर पर विश्वास करते है.
4:- Memory (मेमोरी)
कंप्यूटर की मेमोरी बहुत ही शक्तिशाली होती है. हम सभी चीजों को याद
नहीं रख सकते लेकिन कंप्यूटर सभी चीजों को बिना भूले याद रखता है. कंप्यूटर
की मेमोरी दो प्रकार की होती है – पहली ‘प्राइमरी मेमोरी’ और दूसरी ‘सेकेंडरी
मेमोरी’.
5:- Diligence (परिश्रमी)
कंप्यूटर बिना थके सालों तक काम कर सकता है. कंप्यूटर बहुत ही ज्यादा
परिश्रमी होता है. एक इन्सान थोड़े समय काम करने के बाद थक जाता है जबकि
कंप्यूटर थकता नहीं है.
6:- Easy (आसान)
कंप्यूटर का इस्तेमाल करना बहुत ही आसान होता है और इसे हम बहुत कम समय
में सीख सकते हैं.
7:- Automation (स्वचालित)
कंप्यूटर एक स्वचालित मशीन है. यह अपने कार्यों को खुद से पूरा करती है.
जब एक बार यह अपने कार्य को शुरू कर देती है तो बिना किसी मनुष्य की सहायता के
इसे पूरा कर देती है.
8:- No Feeling (भावनाहीन)
कंप्यूटर के पास मनुष्य की तरह कोई भी भावना (feeling) नहीं होती है.
इसलिए यह भावना में बहकर कोई भी काम नहीं करता.
9:- No Intelligence (कोई बुद्धिमत्ता नहीं)
कंप्यूटर के पास मनुष्य की तरह खुद से सोचने समझने की शक्ति नहीं होती
है. यह सिर्फ प्रोग्रामिंग के आधार पर अपने कार्य को करता है. इसके पास दिमाग
नहीं होता है.

10:– Privacy (गोपनीयता)


कंप्यूटर में हम अपनी पर्सनल जानकारी को स्टोर कर सकते हैं. हम
कंप्यूटर में पासवर्ड का इस्तेमाल करके अपने कंप्यूटर को lock कर सकते हैं
और कोई दूसरा व्यक्ति बिना पासवर्ड के आपके कंप्यूटर को इस्तेमाल नहीं कर
सकता.

Types of Computer – कंप्यूटर के प्रकार


कंप्यूटर के बहुत से प्रकार होते हैं जिनके बारें में नीचे दिया गया
है:-
1- Micro Computer (माइक्रो कंप्यूटर)
a. माइक्रो कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जिसका उपयोग एक समय में केवल एक
व्यक्ति ही कर सकता है। इस कंप्यूटर का आकार काफी छोटा होता है।
b. यह mini और mainframe computer से काफ़ी छोटा होता है। यह हल्का होने के
साथ काफी सस्ता भी होता है।
c. माइक्रोकंप्यूटर मल्टीटास्किंग होता है जिसका अर्थ यह है की यूजर इस
कंप्यूटर में एक समय में बहुत सारें कार्य कर सकता हैं जैसे कि – इंटरनेट
चलाना, word में काम करना और गाने सुनना आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण –
लेपटॉप, स्मार्ट फ़ोन, टेबलेट आदि।
2- Mini Computer (मिनी कंप्यूटर)
a. मिनी एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका आकार ना ज्यादा छोटा होता है
और ना ही ज्यादा बड़ा। यह कंप्यूटर माइक्रो कंप्यूटर से बड़ा होता है
लेकिन मेनफ्रेम कंप्यूटर से छोटा होता है।
b. यह एक multi -user कंप्यूटर है। इसका मतलब यह है कि इस कंप्यूटर का उपयोग
एक समय में एक या एक से अधिक यूजर कर सकते है। इसका अलावा यह multi-tasking
कंप्यूटर भी होता है , यानी इस कंप्यूटर में एक समय में एक से ज्यादा
कार्य किये जा सकते हैं।
c. मिनी कंप्यूटर के उदहारण :- IBM AS/400 , और Honeywell 200 आदि।
3- Mainframe Computer (मेनफ़्रेम कंप्यूटर)
a. मेनफ़्रेम कंप्यूटर का आकार काफी बड़ा होता है और इसका इस्तेमाल बड़ी
मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। मेनफ़्रेम कंप्यूटर
के कार्य करने की क्षमता अधिक होती है। इसका आकार मिनी और माइक्रो
कंप्यूटर से बड़ा होता है.
b. यह multi-user कंप्यूटर होता है इसलिए इसका इस्तेमाल एक समय में एक से
अधिक यूजर कर सकते हैं। इस कंप्यूटर का आविष्कार 1950 के दशक में IBM
(इंटरनेशनल बिज़नेस मॉडल) के द्वारा किया गया था।
c. इस कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़ी-बड़ी कम्पनीयों और सरकारी ऑफिस में अधिक
मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। हालांकि यह कंप्यूटर
काफी महंगे भी होते है। इसके उदहारण:– IBM zSeries , System z9 आदि।
4- Analog Computer (एनालॉग कंप्यूटर)
a. एनालॉग कंप्यूटर ऐसा कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल एनालॉग डाटा को
प्रोसेस करने के लिए किया जाता है। यह भौतिक मात्राओं को मापने के लिए
उपयोगी है। इसका उपयोग विद्युत प्रवाह, तीव्रता और प्रतिरोध को मापने के
लिए किया जाता है।
b. इस कंप्यूटर का उपयोग हम अपने दैनिक जीवन में भी करते है। उदहारण के लिए–
रेफ्रिजरेटर, स्पीडोमीटर आदि।
5- Digital Computer (डिजिटल कंप्यूटर)
a. वह कंप्यूटर जो डिजिटल डाटा को प्रोसेस करता है उसे डिजिटल कंप्यूटर
कहते हैं. यह एक ऐसा कंप्यूटर है जो कोई भी काम करने के लिए बाइनरी नंबर
(0, 1) का उपयोग करता है।
b. इस कंप्यूटर का उपयोग अधिक मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया
जाता है। इस कंप्यूटर के कार्य करने की स्पीड अधिक होती है और इसकी
performance भी काफी अच्छी होती है।
c. आधुनिक समय में डिजिटल कंप्यूटर का इस्तेमाल कई कार्य के लिए किया जाता
है जैसे कि :- कैलकुलेशन करने के लिए , डेटा को स्टोर करने के लिए , डेटा को
ट्रांसफर करने के लिए आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण– कैलकुलेटर, Apple
Mac , IBM PC आदि।
6- Hybrid Computer (हाइब्रिड कंप्यूटर)
a. वह कंप्यूटर जिसमें डिजिटल और एनालॉग दोनों कंप्यूटरों की विशेषताएं
शामिल होती है. उसे हाइब्रिड कंप्यूटर कहते हैं।
b. हाइब्रिड कंप्यूटर को डिजिटल और एनालॉग कंप्यूटर को आपस में मिलाकर
बनाया गया है। इस कंप्यूटर का इस्तेमाल ज्यादातर जटिल गणनाओ (complex
calculations) को हल करने के लिए किया जाता है।
c. हाइब्रिड कंप्यूटर का उपयोग पेट्रोल पम्प, हवाई जहाज, हॉस्पिटल और
वैज्ञानिक कार्यों में भी किया जाता
है। हाइब्रिड कंप्यूटर के उदहारण– स्पीडोमीटर, थर्मोमीटर, ऑटो गैसोलिन
पंप आदि।
7- Super Computer (सुपर कंप्यूटर)
a. सुपर कंप्यूटर एक ऐसा कंप्यूटर है जिसका आकार काफी बड़ा होता है और इसे
दुनिया का सबसे बड़ा कंप्यूटर माना जाता है। यह कंप्यूटर काफी तेज होते
है जो अपने कार्यो को बहुत कम समय में ही पूरा कर लेते है।
b. सुपर कंप्यूटर का उपयोग बड़ी मात्रा में डेटा को प्रोसेस करने के लिए
किया जाता है। इस कंप्यूटर को दुनिया का सबसे शक्तिशाली कंप्यूटर माना
जाता है क्योकि इस कंप्यूटर के प्रोसेसर की performance काफी अच्छी होती
है।
c. सुपर कंप्यूटर में हजारो प्रोसेसर आपस में जुड़े होते है जिसकी वजह से यह
किसी भी कार्य को तेज गति से कर पाता है।
d. इस कंप्यूटर का उपयोग वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग से संबंधित कार्यो को
पूरा करने के लिए किया जाता है जैसे की:- मौसम की भविष्यवाणी करना, और
रिसर्च करना आदि। इसके कुछ लोकप्रिय उदहारण है:- परम 8000, और NUDT
Tianhe-2 आदि।

8- Workstation (वर्कस्टेशन)
a. वर्कस्टेशन एक विशेष प्रकार का कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल इंजीनियरिंग
डिजाइन, एनीमेशन रेंडरिंग, 3D ग्राफ़िक्स और विडियो एडिटिंग जैसे
कार्यो को पूरा करने के लिए किया जाता है।
b. वर्कस्टेशन की स्टोरेज क्षमता बहुत अधिक होती है जिसकी वजह से यह बड़ी
मात्रा में डेटा को स्टोर करने में सक्ष्म होता है। यह कंप्यूटर तेज गति
से सभी कार्यो को करता है क्योकि इसमें एक तेज माइक्रोप्रोसेसर होता है।
c. इस कंप्यूटर का उपयोग एक समय में केवल एक ही यूजर कर सकता है। वर्कस्टेशन
का इस्तेमाल वीडियो एडिटिंग और 3D एनीमेशन करने के लिए भी किया जाता है।
यह कंप्यूटर यूजर को बिलकुल सटीक आंकड़े देता है। इसके कुछ उदहारण है
:- Unix-based Sun, Compaq आदि।
9- Personal Computer (पर्सनल कंप्यूटर)
यह एक छोटा और सस्ता कंप्यूटर है जिसका इस्तेमाल व्यक्तिगत कार्यो को
पूरा करने के लिए किया जाता है जैसे की :- असाइनमेंट पूरा करना, मूवी देखना,
गेम खेलना , ब्राउज़िंग करना , प्रोजेक्ट को पूरा करना आदि।

कंप्यूटर के उपयोग- Applications of


Computer
इसके निम्नलिखित उपयोग है जिनके बारे में नीचे बताया गया है :-
1- Medical (स्वास्थ्य)
कंप्यूटर का इस्तेमाल स्वास्थ से सम्बंधित क्षेत्रों में किया जाता है।
आधुनिक समय में कंप्यूटर का उपयोग करके मरीजों की बिमारी का पता लगाया जाता
है। कंप्यूटर का उपयोग अस्पतालों में मरीजों का ultrasound (अल्ट्रासाउंड),
ब्लड टेस्ट, CT स्कैन और MRI करने के लिए किया जाता है। इसके अलावा कंप्यूटर
का उपयोग X-ray करने, औऱ मरीजों को मॉनिटर करने के लिए भी किया जाता है। यह
मरीजों के दिल की गति को मापने में भी मदद करता है।
2- Communication (संचार)
कंप्यूटर का इस्तेमाल संचार (communication) करने के लिए भी किया जाता
है। आज के समय में संचार करने के लिए कंप्यूटर एक लोकप्रिय विकल्प है।
कंप्यूटर का उपयोग करके यूजर घर बैठे वीडियो कॉन्फ्रेसिंग कर सकता है , डेटा
को एक स्थान से दुसरे स्थान में ट्रांसफर कर सकता है और घर बैठे मीटिंग कर
सकता है। घर बैठे वीडियो कॉन्फ्रेसिंग करने के लिए यूजर Skype और Zoom जैसी
सेवाओं का उपयोग कर सकता है।
3- Home (घर)
इसका उपयोग घरो में बहुत से कार्यो को पूरा करने के लिए किया जाता है
जैसे की :- ऑनलाइन भुगतान करने के लिए , गेम खेलने के लिए , मूवी देखने के लिए
आदि। इसके अलावा छात्रों के द्वारा कंप्यूटर का उपयोग प्रोजेक्ट बनाने के
लिए, पढ़ाई करने के लिए भी किया जाता है।
4- Science and Engineering (विज्ञान और इंजीनियरिंग)
सुपर कंप्यूटर का उपयोग विज्ञान और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में किया
जाता है। यह कंप्यूटर विज्ञान में नई खोज करने में मदद करता है। इसके अलावा
सुपर कंप्यूटर का इस्तेमाल मौसम की भविष्यवाणी करने के लिए , भूकंप की
तीव्रता (intensity) मापने के लिए भी किया जाता है। वैज्ञानिक और इंजीनियर
कंप्यूटर का उपयोग डेटा को इकठ्ठा करने के लिए , उस डेटा को एनालाइज करने के
लिए और स्टोर करने के लिए करते है।
5- Industry (उद्योग)
कंप्यूटर का इस्तेमाल बड़ी बड़ी कंपनियों में inventory को मैनेज करने
के लिए, इंटीरियर डिज़ाइन के लिए, प्रोडक्ट के sample को डिज़ाइन करने के
लिए, और वीडियो कांफ्रेंस करने के लिए किया जाता है।
6- Online Marketing (ऑनलाइन मार्केटिंग)
आधुनिक समय में कंप्यूटर का इस्तेमाल ऑनलाइन मार्केटिंग करने के लिए
भी किया जाता है। छोटे बड़े व्यवसाय कंप्यूटर की मदद से ऑनलाइन अपने
प्रोडक्ट को बेचते है और काफी अच्छा प्रॉफिट कमाते है। ऑनलाइन मार्केटिंग
को डिजिटल मार्केटिंग भी कहा जाता है।
7– Game (खेल)
कंप्यूटर गेमर्स के लिए काफी लोकप्रिय होते है। कंप्यूटर का इस्तेमाल
gamers के द्वारा ऑनलाइन और ऑफलाइन गेम खेलने के लिए भी किया जाता है।
कंप्यूटर की स्क्रीन काफी बड़ी होती है जिसकी वजह से गेम खेलते वक़्त यूजर
को अच्छा अनुभव प्राप्त होता है।
8– Bank (बैंक)
कंप्यूटर का इस्तेमाल बैंक में भी किया जाता है। बैंको में कंप्यूटर
का उपयोग पैसो को ट्रांसफर और पैसो को जमा करने के लिए किया जाता है।
9– Art (कला)
इसका इस्तेमाल कला के क्षेत्र में भी किया जाता है। कंप्यूटर का उपयोग
करके हम चित्रों को बना सकते है , ग्राफ़िक्स डिज़ाइन कर सकते है और वीडियो
को एडिट कर सकते है।
10– Entertainment (मनोरंजन)
कंप्यूटर का इस्तेमाल ऑनलाइन फिल्मे देखने के लिए , गाने सुनने के लिए
और गेम खेलने के लिए भी किया जाता है। आधुनिक समय में कंप्यूटर मनोरंजन करने
का एक लोकप्रिय साधन है।
Advantages of Computer – कंप्यूटर के
फायदे
इसके फायदे निम्नलिखित हैं:-
1- Easy To Use (इस्तेमाल करने में आसान)
कंप्यूटर का उपयोग करना काफी आसान होता है। इसका उपयोग करने के लिए
ज्यादा तकनिकी ज्ञान की आवश्यकता नहीं पड़ती।
2- Multitasking (मल्टीटास्किंग)
यह multitasking होता है। यानी कंप्यूटर एक समय में एक से अधिक कार्यो को
आसानी से पूरा कर सकता है।
3- High Speed (तेज़ गति)
कंप्यूटर काफी तेज होते है जिसकी वजह से यह अपने सभी कार्यो को बहुत कम
समय में पूरा कर देते है। क्योकि यह तेज गति से कार्य करते है जिसकी वजह से
यूजर का काफी समय बचता है।
4- Accuracy (सटीकता)
यह यूजर को बिलकुल सटीक (accurate) परिणाम देते है। कंप्यूटर जटील से
जटील गणनाओ को आसानी से हल करने में सक्ष्म होते है।
5- Storage (स्टोरेज)
कंप्यूटर की स्टोरेज छमता काफी अधिक होती है जिसकी वजह से यह बड़ी
मात्रा में डेटा को स्टोर कर सकते है।
6- Reduce Paper work (कागज का कम इस्तेमाल)
कंप्यूटर में सारा काम डिजिटल होता है जिसकी वजह से कंप्यूटर में कागज
का उपयोग बहुत कम मात्रा में किया जाता है। यह पेड़ो को बचाने में एक अहम
भूमिका भी निभाते है क्योकि कागज को पेड़ो की मदद से ही बनाया जाता है।
7- Productivity (उत्पादकता)
यह उत्पादकता (productivity) को बढ़ाते है। इंसानो की तुलना में
कंप्यूटर अधिक मात्रा में काम कर सकता है। कंप्यूटर 24/7 घंटे लगातार काम कर
सकता है।

Disadvantages of Computer – कंप्यूटर


के नुकसान
इसके नुकसान नीचे दिए गये हैं:-
1- Cyber Crime (साइबर अपराध)
कंप्यूटर में साइबर क्राइम का खतरा हमेशा बना रहता है। साइबर क्राइम
का अर्थ होता है की इंटरनेट के माध्यम से कोई अपराध करना. आजकल कंप्यूटर का
उपयोग डेटा की चोरी , लोगो के साथ फ्रॉड , और लोगो को ब्लैकमेल करने के लिए भी
किया जाता है।
2- Virus (वायरस)
कंप्यूटर में वायरस प्रवेश होने का खतरा हमेशा बना रहता वायरस
कंप्यूटर में प्रवेश करके डेटा को डिलीट कर देता है , डेटा की चोरी करता है और
उस डेटा का गलत इस्तेमाल करता है।
3- No Mind (कोई दिमाग नहीं)
कंप्यूटर के पास हम इंसानो की तरह सोचने समझने की शक्ति नहीं होती।
कंप्यूटर खुद से कोई निर्णय नहीं ले सकता या खुद से कोई कार्य नहीं कर सकता।
यह केवल उतना ही कार्य करेगा जितना यूजर कमांड देगा।
4- Human Dependent (मनुष्य पर निर्भर)
कंप्यूटर को चलाने के लिए इंसानो की आवश्यकता पड़ती है क्योकि
कंप्यूटर खुद से चालू नहीं हो सकता है।
5- Health Issues (स्वास्थ्य समस्या)
कंप्यूटर को लगातार चलाने से यूजर को शरीर से समन्धित समस्याओ का
सामना करना पड़ सकता है जैस की :- सिर दर्द, कमर दर्द , उंगलियों में दर्द और
आंख का कमजोर होना आदि।
6- Expensive (महंगा)
कंप्यूटर काफी महंगे होते है और इन्हे मेन्टेन करने में भी काफी
ज्यादा पैसे खर्च होते है।
7- Addiction (लत)
अधिक मात्रा में कंप्यूटर का उपयोग करने से कंप्यूटर की लत लग जाती है।
लोग पूरा पूरा दिन कंप्यूटर के सामने बैठकर गेम खेलते रहते है , वीडियोस
देखते रहते है।
कंप्यूटर की पीढियां
कंप्यूटर की 5 पीढियां होती हैं:-
पीढ़ी समय तकनीक

पहली पीढ़ी 1940 से 1956 तक वैक्यूम ट्यूब

दूसरी पीढ़ी 1956 से 1963 तक ट्रांजिस्टर

तीसरी पीढ़ी 1964 से 1971 तक IC (इंटीग्रेटेड सर्किट)

चौथी पीढ़ी 1971 से 1985 तक माइक्रोप्रोसेसर

पांचवी पीढ़ी वर्तमान में मौजूद AI (आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस)

 कंप्यूटर क्या है?


कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है. जिसका इस्तेमाल आमतौर पर तकनीकी और
शैक्षणिक अनुसंधान के लिए किया जाता है. वैसे कंप्यूटर को हिंदी में संगणक
(SANGANAK) और अभिकलक यंत्र (Programmable Machine) कहा जाता हैं. एक
कंप्यूटर गणितीय गणना करते समय मनुष्यों की तुलना में बहुत अधिक गति और
सटीकता के साथ काम करता है। कंप्यूटर प्रति सेकंड लाखों (1,000,000)
निर्देशों को प्रोसेस कर सकते हैं।
 कंप्यूटर का जनक कौन है?
चार्ल्स बैबेज को “कंप्यूटर का पिता”(फादर ऑफ कम्प्यूटर ) माना जाता
है।
 कंप्यूटर के मुख्य कार्य क्या है?
कंप्यूटर का मुख्य कार्य यूजर के द्वारा दिए गए इनपुट के अनुरूप आउटपुट
प्रदान करना हैं एवं आउटपुट दिए गए परिणामों में विश्वसनीयता, सटीकता एवं
शुद्धता लाना हैं। कंप्यूटर का कार्य बड़ी संख्याओं को तीव्र गति से हल करना
भी हैं।
First Generation computeri (पहली पीढ़ी
के कंप्यूटर)
 पहली पीढ़ी के कंप्यूटर साइज़ में काफी बड़े हुआ
करते थे। आप इनके size (आकार) का अन्दाज़ा इसी बात
से लगा सकते है कि इन कंप्यूटर को रखने के लिए एक
कमरे की ज़रूरत पड़ती थी।
 पहली पीढ़ी की शुरुआत 1940 में हुई और इसका अंत
1956 में हुआ।
 इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में कांच के बने वैक्यूम
ट्यूब का प्रयोग किया जाता था। इनमें हजारों की
संख्या में वैक्यूम ट्यूब का इस्तेमाल किया
जाता था इसलिए इन कंप्यूटरों का आकार बहुत बड़ा
होता था।
 पहली पीढ़ी के कंप्यूटर इतने advance और modern नहीं हुआ करते थे। इनमे
काफी कमियां थी। ये कंप्यूटर काम करते वक़्त जल्दी गर्म हो जाया करते थे और
reliable (विस्वश्नीय) नहीं हुआ करते थे।
 पहली पीढ़ी के कंप्यूटर का उपयोग गणना करने, डेटा को स्टोर करने, और
वैज्ञानिक कार्यों के लिए किया जाता था।
 इस पीढ़ी के कम्प्यूटरों में मुख्य रूप से batch processing ऑपरेटिंग
सिस्टम का इस्तेमाल किया जाता था।
 इन कम्प्यूटरों में प्रोग्रामिंग करना बहुत ही ज्यादा मुश्किल काम था और
ये बिजली भी बहुत खर्च करते थे।
पहली पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
ENIAC, EDVAC, UNIVAC, IBM-701, EDSAC, IBM 650

Advantages of First Generation Computer


(पहली पीढ़ी कंप्यूटर के फायदे)
1. इस पीढ़ी के कंप्यूटर डाटा की calculation (गणना) बहुत तेजी से करते थे। ये
millisecond में गणना कर सकते थे।
2. उस समय वैक्यूम ट्यूब आसानी से मिल जाया करते थे।
3. वैक्यूम ट्यूब की technology ज्यादा महंगी नहीं थी।
4. इन कम्प्यूटरों में scientific (वैज्ञानिक) काम कर सकते थे।
5. इन कम्प्यूटरों में information और data को स्टोर करने की क्षमता थी।

Disadvantages of First Generation Computer (पहली पीढ़ी


कंप्यूटर के नुकसान)
1. पहली जनरेशन के कंप्यूटर का size काफी बड़ा होता था।
2. इस जनरेशन के computer काम करते समय काफी गर्म हो जाया करते थे।
3. कम्प्यूटर को ठंडा रखने के लिए Air-Condition (AC) की ज़रूरत पड़ती थी।
4. अपने बड़े आकर के कारण ये बहुत अधिक मात्रा में बिजली का इस्तेमाल करते थे।
5. इन कंप्यूटरों को मेन्टेन करके रखना काफी ज्यादा मुश्किल होता था।
6. ये केवल मशीन लैंग्वेज का इस्तेमाल करते थे और इसमें प्रोग्रामिंग करना
भी एक कठिन कार्य था।
Second Generation Computer
(दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर)
 कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी की शुरुआत 1956
में हुई थी और इसका अंत 1963 में हुआ था।
 दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर में transistor
(ट्रांजिस्टर) का इस्तेमाल किया जाता था।
ट्रांजिस्टर वैक्यूम ट्यूब के मुकाबले
काफी छोटे होते थे।
 ट्रांजिस्टर के कारण कंप्यूटर का साइज
पहली पीढ़ी के मुकाबले छोटा हो गया।
ट्रांजिस्टर के आने के बाद कंप्यूटर के
क्षेत्र में काफी ज्यादा विकास हुआ।
 ट्रांजिस्टर, वैक्यूम ट्यूब की तुलना
में काफी सस्ते थे , size में छोटे थे , ज्यादा reliable थे , और काफी तेज काम
करते थे।
 इस पीढ़ी में असेंबली लैंग्वेज और हाई-लेवल लैंग्वेज का इस्तेमाल किया
जाता था।
 इस पीढ़ी के कंप्यूटरों में batch processing और multi-programming
ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग किया जाता था।
दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण –
 UNIVAC 1108, CDC 1604, Honeywell 400CDC 3600, IBM 7094
Advantages of Second generation computer (दूसरी पीढ़ी
कंप्यूटर के फायदे)
1. पहली पीढ़ी की तुलना में इस पीढ़ी के कंप्यूटर का साइज़ काफी छोटा था।
2. दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर काम करते समय जल्दी गर्म नहीं होते थे।
3. ये अपने छोटे आकार के कारण कम बिजली ख़र्च करते थे।
4. दूसरी पीढ़ी वाले कंप्यूटर के काम करने की speed काफी अच्छी थी। ये डाटा को
microseconds में कैलकुलेट कर लेते थे।
5. पहली पीढ़ी के मुकाबले दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटरों को मेन्टेन करना आसान था।
6. पहली पीढ़ी की तुलना में दूसरी पीढ़ी के कंप्यूटर सस्ते थे।
7. इनकी accuracy अधिक थी और ये reliable (विश्वसनीय) होते थे।
Disadvantages of Second generation computer
(दूसरी पीढ़ी कंप्यूटर के नुक़सान)
1. दूसरे जनरेशन के कंप्यूटर कम गर्मी पैदा करते थे फिर भी इन्हें ठंडा रखने
के लिए AC की ज़रूरत पड़ती थी।
2. दूसरे जनरेशन के कंप्यूटर को लगातार maintain (रख-रखाव) की जरूरत पड़ती थी।
3. इसका इस्तेमाल केवल कुछ विशेष काम को पूरा करने के लिए ही किया जाता था।
4. पहली पीढ़ी की तरह इस पीढ़ी के कंप्यूटर भी इनपुट के लिए punch cards का
प्रयोग करते थे।
Third Generation Computer
(तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर)
 कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी की शुरुआत 1964 में हुई थी और इसका अंत 1971 में
हुआ था।
 तीसरी पीढ़ी आने तक कंप्यूटर के छेत्र में
काफी ज्यादा विकास हो चूका था। इस पीढ़ी
में कंप्यूटर और भी ज्यादा advance और
modern हो गए थे।
 तीसरी पीढ़ी में computer के अंदर
ट्रांजिस्टर की जगह IC (इंटीग्रेटेड
सर्किट)) का इस्तेमाल किया जाता था।
 IC एक तरह की चिप है जो कि सिलिकॉन से बनी
हुई होती है। इसलिए इसको सिलिकॉन चिप भी
कहा जाता है।
 तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर काफी ज्यादा
reliable (विश्वसनीय) थे।
 तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर की काम करने की स्पीड पिछले दोनों पीढ़ियों के
कंप्यूटर से बेहतर थी।
 Integrated Chip (IC) आने के कारण कंप्यूटर का साइज काफी छोटा हो गया था।
इसके साथ साथ मैमोरी की क्षमता भी काफी ज्यादा बढ़ गई थी।
 इस पीढ़ी में time sharing और multiprogramming ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग
किया जाता था।
 इस पीढ़ी में हाई लेवल लैंग्वेज जैसे कि – Cobol, Pascal आदि का use किया
जाता था।
तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
 IBM 370, PDP-11, UNIVAC 1108, Honeywell-6000, DEC series, ICL 2900

Advantages of Third generation


computer (तीसरी पीढ़ी कंप्यूटर के फायदे)
1. तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर का आकार पिछले दोनों पीढ़ियों के कंप्यूटर के
मुकाबले काफी छोटा था।
2. इस पीढ़ी के कंप्यूटर काम करते समय बहुत कम बिजली खर्च करते थे।
3. पिछले दोनों जनरेशन की तुलना में third generation के कंप्यूटर काफी कम
गर्मी पैदा करते थे।
4. इसमें डाटा को कैलकुलेट करने की स्पीड काफी अच्छी थी।
5. इस कंप्यूटर को मेन्टेन करके रखना काफी आसान था।
6. पिछले दोनों जनरेशन की तुलना में तीसरे जनरेशन के कंप्यूटर की storage
क्षमता काफी ज्यादा थी।
7. ये computers हाई लेवल भाषा को सपोर्ट करते थे।
8. इनमें प्रोग्रामिंग करना आसान था।
Disadvantages of third generation computer (तीसरी पीढ़ी
कंप्यूटर के नुकसान)
1. तीसरी पीढ़ी के कंप्यूटर भी कम गर्मी पैदा करते थे परंतु फिर भी इनको ठंडा
करने के लिए AC की ज़रूरत पड़ती थी।
2. IC चिप को बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था।
3. इस पीढ़ी के कंप्यूटर काफी महंगे आते थे।
4. उस जमाने में IC चिप को repair करना काफी मुश्किल हुआ करता था।
5. IC चिप के साथ काम करने के लिए specialized workers (विशेष कार्यकर्ता) की
आवश्यकता पड़ती थी।
Fourth Generation Computer
(चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर)
 कंप्यूटर के चौथी पीढ़ी की शुरुआत 1970 में
हुई थी और इसका अंत 1985 में हुआ।
 कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी में IC की जगह
माइक्रोप्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाता
है। माइक्रोप्रोसेसर में बहुत सारे LSI
Circuit होते है।
 चौथी पीढ़ी आने के बाद कंप्यूटर और भी
ज्यादा आधुनिक हो गए । इस पीढ़ी के आते ही
कंप्यूटर के काम करने की क्षमता और speed
दोनों ही बढ़ गई।
 इस जनरेशन ने computer के छोटे size में ही
काफी ज्यादा features उपलब्ध करवा दिए।
यानी कह सकते है कि इसका size काफी छोटा हो
गया और इसके साथ-साथ कंप्यूटर के सारे
features भी install हो गए।
 इस पीढ़ी में real time, time sharing, और distributed ऑपरेटिंग सिस्टम का
इस्तेमाल किया जाता है।
 इस पीढ़ी के कंप्यूटर हाई लेवल लैंग्वेज जैसे कि – C, C++ आदि को सपोर्ट
करते हैं।
 इस पीढ़ी में पर्सनल कंप्यूटर (PC) का उपयोग काफी ज्यादा बढ़ गया।
चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
Micral, IBM 5100, Altair 880
Advantages of fourth generation of computer (चौथी पीढ़ी
कंप्यूटर के फायदे)
1. चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर की speed पिछले सभी पीढ़ियों के कम्प्यूटरों की
तुलना में काफी अच्छी है।
2. इस पीढ़ी के कंप्यूटर size में काफी छोटे होते है।
3. इन कम्प्यूटरों को maintain करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
4. ये कंप्यूटर सस्ते होते हैं और आसानी से उपलब्ध हो जाते है।
5. इन कम्प्यूटरों को बहुत कम AC की ज़रूरत पड़ती है। क्योंकि ये बहुत कम
गर्मी पैदा करते है।
6. इस पीढ़ी के कंप्यूटर बहुत ज्यादा reliable हैं और ये हाई लेवल लैंग्वेज को
सपोर्ट करते हैं।
Disadvantages of fourth generation computer
(चौथी पीढ़ी के कंप्यूटर)
1. इस जनरेशन में microprocessor का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन
माइक्रोप्रोसेसर को बनाना मुश्किल काम है।
2. Microprocessor को बनाने के लिए बहुत advance technology की ज़रूरत पड़ती
है।
Fifth Generation Computer
(पांचवीं पीढ़ी के कंप्यूटर)
 पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर अभी तक सभी पीढ़ियों से बेहतर और advance (आधुनिक)
है। आप इस बात का अंदाज़ा इस चीज़ से लगा सकते है कि ये कंप्यूटर बिलकुल
इंसानो की तरह ही व्यहवार करते है।
 पांचवीं पीढ़ी में AI (Artificial Intelligence) तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है।
 वर्तमान समय में कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी चल रही है और यह कंप्यूटर की
आखरी पीढ़ी है।
 इस पीढ़ी में हाई लेवल भाषा जैसे कि – C, C++, Java, और .Net आदि का उपयोग किया
जाता है।
 पाँचवी पीढ़ी के कंप्यूटर का इस्तेमाल स्वास्थ्य के क्षेत्र में, मनोरंजन
के क्षेत्र में, और रोबोट बनाने में किया जाता है। आजकल game के छेत्र में
भी इसका प्रयोग किया जाता है।
 इन computers में सबसे ज्यादा speed पाई जाती है और इनके काम करने की
क्षमता भी काफी ज्यादा है।
 धीरे धीरे कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी को और भी ज्यादा विकसित किया जा रहा है।
ताकि यह और भी ज्यादा advance हो सके।
पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर के उदाहरण
 परम सुपर कंप्यूटर
 लैपटॉप
 डेस्कटॉप
 वर्क स्टेशन
 नोटबुक

Advantages of Fifth Generation


computer in Hindi (पांचवी पीढ़ी के
कंप्यूटर के फायदे)
1. इस कंप्यूटर की speed पिछली सभी पीढ़ियों के
computer के मुकाबले ज्यादा है।
2. इन कम्प्यूटरों की repairing करना काफी ज्यादा आसान होता है।
3. इस कंप्यूटर का size पिछले सभी पीढ़ियों के मुकाबले बहुत छोटा है।
4. अपने छोटे size के कारण fifth generation के computer काफी हल्के होते है।
5. पांचवी पीढ़ी के कंप्यूटर को maintain करके नहीं रखना पड़ता।
6. इनको कही भी ले जाया जा सकता है जैसे कि हम अपने लैपटॉप को कहीं भी आसानी से
ले जा सकते हैं।
Disadvantages of fifth generation computer in Hindi (पांचवी
पीढ़ी के कंप्यूटर के नुकसान)
1. इस कंप्यूटर को use करने में काफी ज्यादा समस्याओ का सामना करना पड़ता है।
2. इन computers में AI यानी (Artificial intelligence) का use किया जाता है। लेकिन
अभी तक AI को पूरी तरह develop नहीं किया गया है।
3. इस जनरेशन के कम्प्यूटरों को बनाने के लिए complex (जटिल) tool का use होता
है। जो की आसानी से नहीं मिलते।

 कंप्यूटर के प्रकार – Types of Computer in Hindi


 कंप्यूटर के फायदे – Advantages of Computer in Hindi
 कंप्यूटर के नुकसान – Disadvantages of Computer in Hindi
 कंप्यूटर का इतिहास – History of Computer in Hindi
 Computer MCQ in Hindi – कंप्यूटर के बहुविकल्पीय प्रश्न
 Applications of Computer in Hindi – कंप्यूटर के अनुप्रयोग
 Block Diagram of Computer in Hindi – कंप्यूटर का ब्लॉक डायग्राम
 Generation of Computer in Hindi – कंप्यूटर की पीढियां
 कंप्यूटर की विशेषताएं – Characteristics of Computer in Hindi
 कंप्यूटर के कार्य – Functions of Computer in Hindi
 कंप्यूटर के घटक – Components of Computer in Hindi
 कंप्यूटर लैंग्वेज क्या है और इसके प्रकार क्या है?
 कंप्यूटर मेमोरी क्या है? – Computer Memory in Hindi
 कंप्यूटर की सीमाएं – Limitations of Computer in Hindi
 सीपीयू क्या है? – What is CPU in Hindi?
 मदरबोर्ड क्या है? – What is Motherboard in Hindi?
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 ROM क्या है और इसके प्रकार
 Peripheral Device In Hindi – पेरिफेरल डिवाइस क्या है?
 Output Device in Hindi – आउटपुट डिवाइस क्या है?
 Input Device in Hindi – इनपुट डिवाइस क्या है?
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 What is ALU in Hindi – ALU क्या है?
 CU (Control Unit) in Hindi – कंट्रोल यूनिट क्या है?
 features & functions of CPU in hindi – सीपीयू की विशेषताएं और कार्य
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अंतर
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 Micro Computer in Hindi – माइक्रो कंप्यूटर क्या है और इसके फायदे?
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 Projector in Hindi – प्रोजेक्टर क्या है?
 Types of Scanner in Hindi – स्कैनर के प्रकार
 Types of Projector in Hindi – प्रोजेक्टर के प्रकार
 Types of Processor in Hindi – प्रोसेसर के प्रकार
 हार्ड डिस्क क्या है? – What is Hard Disk in Hindi?
 मैग्नेटिक टेप क्या है? – What is Magnetic Tape in Hindi?
 फ्लॉपी डिस्क क्या है? – What is Floppy Disk in Hindi?
 मैग्नेटिक डिस्क क्या है? – What is Magnetic Disk in Hindi?
 Pagemaker in Hindi – पेजमेकर क्या है?
 Types of Keyboard in Hindi – कीबोर्ड के प्रकार
 Types of Monitor in Hindi – मॉनिटर के प्रकार
 First Generation of Computer in Hindi – कंप्यूटर की पहली पीढ़ी
 Second Generation of Computer in Hindi – कंप्यूटर की दूसरी पीढ़ी
 Third Generation of Computer in Hindi – कंप्यूटर की तीसरी पीढ़ी
 Fourth Generation of Computer in Hindi – कंप्यूटर की चौथी पीढ़ी
 Fifth Generation of Computer in Hindi – कंप्यूटर की पांचवी पीढ़ी
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