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Characteristics of Computer in Hindi - COMPUTER: 1-Speed (

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Characteristics of Computer

in Hindi – COMPUTER की
विशेषताएं

COMPUTER की बहुत सारीं विशेषताएं होती है जो कि निम्नलिखित


हैं:-

1- Speed (गति)
Computer की speed इसकी मुख्य विशेषताओं में से एक है।
Computer के काम करने की speed काफी तेज होती है। Computer
इंसानो की तुलना में बहुत speed से कार्यो को करते है।
Computer की गणना करने की speed काफी तेज होती है। यह एक
second में एक लाख से भी ज्यादा कार्यों को पूरा कर सकते है।
Computer अपने कार्यो को microsecond और nanosecond के
अंतराल में पूरा कर देता है। किसी इंसान को गुणा, भाग करने में
1 से 2 मिनट का समय लगता है जबकि Computer गुणा, भाग को 1
second से भी कम समय में पूरा कर सकता है.

2- Accuracy (सटीकता)
Computer अपने कार्यो को accuracy के साथ करता है। Computer
बिना किसी गलती के अपने कार्यों को पूरा करता है। इंसानो की
तुलना में Computer अधिक accuracy के साथ अपने काम को पूरा
करता है। अगर कोई इन्सान गुणा या भाग करता है तो उसमें वह
गलतियाँ करता है जबकि Computer बिना किसी गलती के गुणा और भाग
आसानी से कर सकता है.

3- Reliability (विश्वसनीयता)
Computer पूरी तरह से reliable होते है। हम इंसानो की तुलना में
Computer अधिक reliable होते है, यदि हम Computer को एक ही input
कई बार देते है तो Computer हमे एक ही जैसे परिणाम दिखायेगा।
जब तक user input को नहीं बदलेगा तब तक Computer परिणाम को नहीं
बदलेगा। Computer कभी भी थकता नहीं है आप Computer को लगातार
सालों तक इस्तेमाल करें वह हमें सही परिणाम ही देता है इसलिए
Computer बहुत ही reliable होता है.
4- Memory (मेमोरी)
Computer में दो प्रकार की memory होती है जिसे हम primary or
secondary memory कहते है। primary memory Computer के अंदर
होती है जहां Computer system का डेटा store होता है। इस
memory को इंटरनल memory के नाम से भी जाना जाता है।
secondary memory एक प्रकार के removel device होते है जिन्हे
हम बाहर से लगा और निकाल सकते है। secondary memory को
एक्सटर्नल
memory के नाम से भी जाना जाता है।
Computer की memory इंसानों की तुलना में बहुत ही शक्तिशाली
होती है इन्सान हर चीज को याद नहीं रख सकता जबकि Computer की
memory किसी चीज को भूलती नहीं है.

5- Diligence (परिश्रम)
एक Computer निरंतरता (consistency) के साथ एक समय में कई
कार्यो को कर सकता है। Computer बिना थके लगातार अपने कार्यो
को पूरा करने में सक्षम होते है। यदि हम इंसानो की बात करे तो
इंसान 24 घंटे किसी कार्य को नहीं कर सकता उसे 24 घंटो में कुछ
समय का आराम चाहिए होता है लेकिन Computer बिना थके बिना रुके
कार्य को कर सकता है।

6- Easy to use (इस्तेमाल करने में आसान)


Computer को इस्तेमाल करना काफी आसान होता है। Computer को
सीखने के लिए तकनीकी ज्ञान (Technical knowledge) की आवश्यकता
नहीं होती इसे कोई भी व्यक्ति आसानी से सीख सकता है।

7- Automation (स्वचालित)
Computer एक स्वचालित मशीन (automatic machine) है। यह अपने
कार्यो को खुद से करता है। जब Computer किसी काम को शुरू करता
है तो वह उस काम को खुद से ही पूरा कर लेता है। Computer sysrem
को अपने कार्यो को पूरा करने के लिए किसी इंसान की आवश्यकता
नहीं पड़ती।

8– Storage (स्टोरेज)
Storage भी Computer की मुख्य विशेषताओं में से एक है। इसका
उपयोग जरुरी data और जानकारी को store करने के लिए भी किया जाता
है। Computer में store की गई जानकारी हमेशा के लिए store रहती
है। data और जानकारी तब तक Computer में store रहती है जब तक
कोई user उस जानकारी को delete ना कर दे। Computer खुद से data
को delete नहीं कर सकता। Computer में हम बहुत ज्यादा मात्रा
में data को store कर सकते हैं जैसे –songs, videos, और games
आदि.

9- Privacy (गोपनीयता)
Computer में हम अपनी private जानकारी को store कर सकते हैं और
कोई दूसरा व्यक्ति बिना अनुमति के आपके private डेटा को access
नहीं कर सकता है. हम Computer में password का इस्तेमाल करके
अपने Computer को lock कर सकते हैं और कोई दूसरा व्यक्ति बिना
password के आपके Computer को access नहीं कर सकता.

10- No Intelligence (सोचने की शक्ति नहीं)


Computer के पास सोचने की शक्ति नहीं होती है जिस प्रकार
मनुष्य सोच सकता है वैसे Computer नही सोच सकता क्योंकि
Computer के पास मनुष्य के जैसा दिमाग नहीं होता है।

11- Reduction in Paperwork & Cost (कागज़ और पैसे


की बचत)
Computer कागजी कार्यो को कम करता है। Computer में ज्यादातर
कार्य paperless तरीके से किये जाते है, इसमें कागज का इस्तेमाल
बहुत कम मात्रा में किया जाता है इसलिए कागज में होने वाला
खर्चा कम होता है और हमारे पैसे की बचत होती है.

Limitations of Computer in
Hindi – COMPUTER की सीमाएं

COMPUTER की बहुत सारीं सीमाएं होती हैं जिनके बारें में


नीचे दिया गया है :-
1. कोई बुद्धिमत्ता नहीं (No Intellignece)
2. कोई भावना नहीं (No Feelings)
3. कम निर्णय क्षमता (Lack of Decision Making)
4. स्वयं से सीखने की क्षमता नहीं (No Learning Capability)
5. मनुष्य पर निर्भरता (Human Dependency)
6. वायरस का खतरा (Virus Threat)
7. अपडेट करने की जरुरत (Need Update)
8. बिजली पर निर्भरता (Electricity Dependent)
9. हैंग होने की समस्या (Hang Problem)
10. लागू नहीं कर सकता (Cannot Implement)
11. सामान्य बोध की कमी (Lack of Common Sense)
1- No Intelligence (कोई बुद्धिमत्ता नहीं)
COMPUTER के पास इन्सान की तरह सोचने की शक्ति नहीं होती है।
COMPUTER एक ऐसी machine है जो पहले से लिखे programe के
अनुसार कार्य करती है। COMPUTER खुद से कोई कार्य नहीं कर
सकता क्योकि COMPUTER के पास सोचने समझने की शक्ति नहीं
होती।जब तक कोई user COMPUTER को input या command नहीं देगा
तब तक COMPUTER output प्रदान नहीं करेगा। कोई भी COMPUTER
कितना ही कुशल क्यों ना हो, उसकी speed कितनी ही अच्छी क्यों ना
हो लेकिन वह खुद से किसी कार्य को नहीं कर सकता। इंसानो की
तुलना में COMPUTER के पास बुद्धि नहीं होती है।

2- No Feelings (कोई भावनाएं नहीं)


COMPUTER के अंदर कोई feelings (भावनाएं) नहीं होती, यह मनुष्य
की तरह भावुक नहीं होता. यह एक बेजान device है. COMPUTER
अच्छे और बुरे में अंतर नहीं बता सकता।चूँकि COMPUTER के पास
कोई फीलिंग नहीं है इसलिए यह मशीन 24 घंटो तक बिना रुके , बिना
थके काम कर सकती है। COMPUTER का उपयोग बहुत सारें कार्य के
लिए किया जा सकता है लेकिन इसका इस्तेमाल भावनात्मक
(emotionally) रूप से किसी चीज़ का निर्णय लेने के लिए नहीं किया
जा सकता है।

3- Lack of Decision Making (निर्णय लेने की क्षमता


में कमी)
COMPUTER एक मशीन है इसलिए यह किसी चीज़ का खुद से निर्णय
नहीं ले सकती। COMPUTER का इस्तेमाल सही और गलत का फैसला
लेने के लिए नहीं किया जा सकता।
उदहारण के लिए यदि राम और श्याम में ये फैसला करना है की कौन
सही है और कौन गलत तो COMPUTER ऐसा नहीं कर सकता क्योकि यह एक
इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जिसका कार्य डेटा को स्टोर करना, उसे
मैनेज करना और रिसर्च करना होता है। COMPUTER किसी फैसले में
अपनी राय नहीं दे सकता यहाँ तक वह तर्क या टिप्पड़ी भी नहीं कर
सकता।
4– No Learning Power (खुद से सीखने की शक्ति नहीं)
हम इंसानो की तरह COMPUTER खुद से कुछ नहीं सीख सकता क्योंकि
COMPUTER के पास किसी चीज़ को याद करने की क्षमता नहीं होती।
हालांकि COMPUTER चीज़ो को store कर सकता है लेकिन उन्हें सीख
नहीं सकता।COMPUTER चीजों को अपने आप नहीं सीख सकते। ये पहले
से दिए गए programe और commend के आधार पर कार्य करते है।
मनुष्य अपने पुराने अनुभवों से काफी कुछ सीखते है लेकिन
COMPUTER ऐसा नहीं कर सकते।

5- Human Dependency (मनुष्य पर निर्भर)


COMPUTER खुद से चालू और बंद नहीं हो सकता। यह चालू और बंद
होने के लिए पूरी तरह से इंसानो पर निर्भर है। COMPUTER को तो
यह भी नहीं पता होता की कब उसे चालू किया जाता है और कब उसे बंद।
इसके अलावा भी बहुत सारें काम होते हैं जिनके लिए COMPUTER
मनुष्य पर निर्भर रहता है जैसे कि – programe करना, typing करना
आदि.

6- Virus Threat (वायरस का ख़तरा)


COMPUTER में virus आने का खतरा बहुत होता है. अगर COMPUTER
में virus आ जाये तो COMPUTER काम करना बंद कर देता है यहाँ तक
कि hacker इसे hack भी कर सकते हैं. हमें virus से बचने के लिए
किसी भी अंजान software को अपने COMPUTER पर install नहीं करना
चाहिए और इसके अलावा हमें antivirus software का इस्तेमाल करना
चाहिए.

7– Need Update (अपडेट करने की जरुरत)


हमें COMPUTER को लगातार update करने की आवश्यकता होती है
यदि हमने ऐसा नहीं किया तो हमारा computer सही ढंग से कार्य
नहीं कर पायेगा.

8- बिजली पर निर्भरता (Electricity Dependent)


COMPUTER को काम करने के लिए बिजली की जरूरत होती है. बिना
बिजली के COMPUTER एक कचरे के डिब्बे की तरह है.

9- हैंग होने की समस्या (Hang Problem)


COMPUTER में अगर हम ज्यादा मात्रा में data को store करेंगे
या बड़े software को install करेंगे तो यह बार बार hang हो जाता
है. सस्ते Computer में यह समस्या ज्यादा आती है.

10– Cannot Implement (लागू नहीं कर सकता)


COMPUTER किसी चीज़ को store तो कर सकता है लेकिन उसे
implement (लागू) नहीं कर सकता। उदहारण के लिए COMPUTER
कानून की किताब को store तो कर सकता है लेकिन उस किताब में लिखी
हुई बातो को लागू नहीं कर सकता।यह खुद से किसी data को लागू
नहीं कर सकता। ऐसे ही COMPUTER कई किताबो को store तो कर सकता
है लेकिन स्वयं उन्हें पढ़ नहीं सकता।

11– Lack of Common Sense (सामान्य बोध की कमी)


COMPUTER एक स्वचालित मशीन (automatic machine) है जो पहले से
लिखे गए programe और logic के अनुसार कार्य करती है। कोई भी
व्यक्ति बिना programe सेट करे COMPUTER से कार्य नहीं करा
सकता। दुनिया में ऐसा कोई COMPUTER नहीं है जिसके पास हम
इंसानो की तरह common sense हो। common sense COMPUTER की
मुख्य सीमाओं में से एक है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि
COMPUTER काफी तेज और विश्वसनीय (reliable) होते है लेकिन इनके
पास सामान्य ज्ञान (common sense) की कमी होती है।

Types of Computer in Hindi


– COMPUTER के प्रकार

COMPUTER के मुख्य रूप से 9 प्रकार होते हैं जिनके बारें में


नीचे दिया गया है:-
1. माइक्रो COMPUTER (Micro Computer)
2. मिनी COMPUTER (Mini Computer)
3. मेनफ़्रेम COMPUTER (Mainframe Computer)
4. एनालॉग COMPUTER (Analog Computer)
5. डिजिटल COMPUTER (Digital Computer)
6. हाइब्रिड COMPUTER (Hybrid Computer)
7. सुपर COMPUTER (Super Computer)
8. वर्कस्टेशन (Workstation)
9. पर्सनल COMPUTER (PC)

1- Micro Computer (माइक्रो


COMPUTER)
● Micro COMPUTER एक छोटा COMPUTER होता है जिसका
इस्तेमाल एक समय में केवल एक व्यक्ति ही कर सकता है.

● दूसरे शब्दों में कहें तो, “माइक्रो COMPUTER एक बहुत


ही छोटा COMPUTER होता है जिसमें CPU के स्थान पर
microproceser का इस्तेमाल किया जाता है। अर्थात् इसका
CPU microproceser से बना होता है”

● इस COMPUTER का आकार mini और mainframe computer से


काफ़ी छोटा होता है।

● माइक्रो COMPUTER वजन में हल्के होते हैं और इनका price


भी बहुत कम होता है.

● यह एक multitasking COMPUTER है अर्थात् इसमें हम एक


समय में बहुत सारें कार्य कर सकते हैं जैसे कि – internet
चलाना, word में काम करना और गाने सुनना आदि।

● सबसे पहले Micro Computer का निर्माण 1970 के दशक में


हुआ था.

● इस COMPUTER का इस्तेमाल घरेलू उपकरणों (home


appliances) जैसे :- माइक्रोवेव, टीवी, रेफ्रिजरेटर आदि
में किया जाता है।
● दुनिया के पहले माइक्रोCOMPUTER का नाम माइक्रल था,
जिसे Intel 8008 माइक्रोप्रोसेसर का उपयोग करके बनाया
गया था।
इसका चित्र

माइक्रो COMPUTER के उदाहरण –


1. Smart watch (समार्ट वाच)
2. Laptop (लैपटॉप)
3. Desktop (डेस्कटॉप)
4. Tablet (टेबलेट)
5. Smart phone (स्मार्ट फ़ोन)
माइक्रो COMPUTER की विशेषताएं
1- इसका आकार काफी छोटा होता है। इसलिए इसे आसानी से कही पर भी
ले जाया जा सकता है।

2- इसे आसानी से ख़रीदा जा सकता है। क्योंकि इनकी कीमत बहुत ही


कम होती है।

3- इसका प्रयोग केवल एक व्यक्ति के द्वारा किया जा सकता है।

4- इसमें semiconductor chip (अर्धचालक चिप) का उपयोग किया जाता


है।

5- इसमें अलग अलग प्रकार के सॉफ्टवेयर को रन किया जा सकता है।

2- Mini Computer (मिनी


COMPUTER)
● मिनी COMPUTER एक विशेष प्रकार का COMPUTER होता है
जिसका आकार ना ज्यादा छोटा होता है और ना ही ज्यादा बड़ा
होता है। अर्थात् यह COMPUTER माइक्रो COMPUTER से
बड़ा होता है लेकिन मेनफ्रेम COMPUTER से छोटा होता
है।

● दूसरे शब्दों में कहें तो, “मिनी COMPUTER मध्यम आकार


का COMPUTER होता है जिसमें सामान्य COMPUTER की सभी
विशेषताएं शामिल होती है।”
● मिनी COMPUTER एक multi-user COMPUTER होता है, इसका
मतलब यह है कि इसे एक समय में बहुत सारें यूजर इस्तेमाल
कर सकते हैं.

● मिनी COMPUTER एक multi-tasking COMPUTER भी होता है,


इसका मतलब यह है कि इसमें हम एक समय में एक से ज्यादा
कार्य कर सकते हैं.

● मिनी COMPUTER micro computer से अधिक शक्तिशाली होता


है परन्तु यह मेनफ़्रेम और सुपर COMPUTER की तुलना में
कम शक्तिशाली होती है.

● मिनी COMPUTER को 1960 के दशक में IBM (इंटरनेशनल


बिज़नस मशीन) के द्वारा विकसित किया था.

● Mini computer एक मल्टीप्रोसेसिंग COMPUTER है इसमें


2 या 2 से अधिक प्रोसेसर का इस्तेमाल किया जाता है.

mini computer

मिनी COMPUTER के उदाहरण –


1. IBM AS/400
2. Honeywell 200
3. Motorola 68040
4. MV 1500
मिनी COMPUTER की विशेषताएं
1- मिनी COMPUTER काफी हल्के होते है जिसके कारण इन्हे कही पर
भी ले जाया जा सकता है।
2- यह मेनफ्रेम COMPUTER की तुलना में कम खर्चीला है।
अर्थात् ये सस्ते होते हैं.

3- यह काफी तेज गति से कार्यो को करता है।

4- एक बार चार्ज करने पर यह लम्बे समय तक चलता है।

5- यह COMPUTER एक समय में 4 से 200 यूजर को सपोर्ट करता है।

3- Mainframe Computer
(मेनफ़्रेम COMPUTER)
● मेनफ़्रेम COMPUTER एक विशेष प्रकार का COMPUTER
होता है जिसका आकार बहुत ही बड़ा होता है और इसमें बहुत
बड़ी मात्रा में डेटा को स्टोर किया जा सकता है।

● यह बहुत ही शक्तिशाली COMPUTER है इसका आकार और


कार्यक्षमता mini और micro computer की तुलना में अधिक
होता है।

● मेनफ्रेम COMPUTER में बहुत सारें माइक्रोप्रोसेसर


का इस्तेमाल किया जाता है इसलिए इसमें डेटा को प्रोसेस
करने की स्पीड बहुत ही अधिक होती है।

● मेनफ़्रेम COMPUTER एक multi-user COMPUTER होता है


इसलिए इसका इस्तेमाल एक समय में एक से अधिक यूजर कर सकते
हैं.

● इसको 1950 के दशक में IBM (इंटरनेशनल बिज़नेस मॉडल) के


द्वारा विकसित (develop) किया गया था।

● इसका प्रयोग बड़ी कम्पनियो और सरकारी ऑफिस में अधिक


मात्रा में डेटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है.

● मेनफ़्रेम COMPUTER की सबसे बड़ी ख़ासियत यह है कि यह


बिना रुके दिन के 24 घंटे काम कर सकता है.
main
frame computer का चित्र

मेनफ़्रेम COMPUTER के उदाहरण –


1. IBM zSeries
2. System z9
3. System z10
4. ICL 39
5. CDC Cyber
मेनफ़्रेम की विशेषताएं
1- मेनफ़्रेम COMPUTER काफी महंगे होते है।

2- इसकी performance काफी अच्छी होती है।

3- इनकी स्टोरेज क्षमता अधिक होती है। अर्थात् यह बहुत बड़ी


मात्रा में डेटा को स्टोर कर सकता है.

4- यह विश्वसनीय (reliable) होता है जो काफी लम्बे समय तक चलते


है।
5- मेनफ़्रेम COMPUTER में प्रोसेस के दौरान त्रुटि (error)
होने की संभावना बहुत कम होती है। यदि किसी वजह से त्रुटि होती
है तो यह प्रदर्शन को प्रभावित किए बिना उसे तुरंत ठीक कर देता
है।

4- Analog Computer (एनालॉग


COMPUTER)
● एनालॉग COMPUTER एक विशेष प्रकार का COMPUTER है
जिसका उपयोग एनालॉग डेटा को प्रोसेस करने के लिए किया
जाता है।

● दूसरे शब्दों में कहें तो, “एनालॉग COMPUTER एक ऐसा


COMPUTER होता है जिसके द्वारा भौतिक मात्राओं को
मापने के लिए किया जाता है। इसका इस्तेमाल electric
current (विद्युत प्रवाह), frequency (तीव्रता) और
resistance (प्रतिरोध) को मापने के लिए किया जाता है।”

● सरल शब्दों में कहें तो, “वह COMPUTER जिसके द्वारा


भौतिक मात्राओं को मापा जाता है उसे एनालॉग COMPUTER
कहते है। भौतिक मात्राएं – तापमान, दाब, गति, लंबाई और
चौड़ाई आदि होती है।”

● एनालॉग COMPUTER का इस्तेमाल हम दैनिक जीवन में


रेफ्रिजरेटर, स्पीडोमीटर जैसे डिवाइसों में करते है।
इसके अलावा इनका इस्तेमाल हवाई जहाज, पनडुब्बियों
(submarines) में भी किया जाता है।

● Analog computer का इस्तेमाल पेट्रोल पंप में,


वैज्ञानिक कार्यों में, और टेलीफोन लाइन आदि में किया
जाता है.
एनालॉग COMPUTER के उदाहरण –
1. Speedometer (स्पीडोमीटर) – यह एक एनालॉग COMPUTER
है जिसका इस्तेमाल कार की स्पीड को measure (मापने) के
लिए किया जाता है।
2. Auto Gasoline Pump (ऑटो गैसोलिन पंप) – यह पेट्रोल की
मात्रा को कैलकुलेट करता है और इसके साथ साथ यह पेट्रोल
के मूल्य को भी कैलकुलेट करता है।
3. Thermometer (थर्मोमीटर) – यह भी analog Computer है
जिसका इस्तेमाल हॉस्पिटल में मरीज के तापमान
(temperature) को मापने के लिए किया जाता है।
एनालॉग COMPUTER की विशेषताएं
1- यह COMPUTER ट्रांसड्यूसर की मदद के बिना गणना करने की
अनुमति देता है।

2- इसमें बहुत सारी वैल्यू को एक साथ कैलकुलेट किया जा सकता है।

3- एनालॉग COMPUTER के कार्य करने की स्पीड काफी धीमी होती


है।
4- एनालॉग COMPUTER ज्यादातर मैकेनिकल या इलेक्ट्रिकल मशीन
होते हैं जो जोड़, गुणा, घटाव और भाग जैसे कार्य कर सकते हैं।

5- Digital Computer (डिजिटल


COMPUTER)
● वह COMPUTER जो बाइनरी संख्या (0 और 1) पर काम करते है,
उसे डिजिटल COMPUTER कहा जाता है।

● डिजिटल COMPUTER किसी भी काम को करने के लिए बाइनरी


नंबर (0, 1) का उपयोग करता है क्योंकि यह COMPUTER केवल
अंकों यानी 0 और 1 को समझता है.

● डिजिटल COMPUTER के पास स्टोरेज डिवाइस होता है जिसके


द्वारा ये बड़ी मात्रा में डेटा स्टोर करने में सक्षम
होते हैं. इनकी प्रोसेसिंग स्पीड भी बहुत तेज होती है और
इनका इस्तेमाल दैनिक जीवन में भी किया जाता है.

● सबसे पहले डिजिटल COMPUTER को 1940 के दशक में विकसित


किया गया था. तब इसे सिर्फ गणितीय कार्य करने के लिए ही
विकसित किया गया था.

● आज के समय में इसका प्रयोग सिर्फ गणितीय कार्य करने के


लिए ही नहीं किया जाता बल्कि इसका प्रयोग बहुत सारें
कार्यों को करने के लिए किया जाता है.

Digital Computer का चित्र


डिजिटल COMPUTER के उदाहरण –
1. Apple Mac
2. Calculator (कैलकुलेटर)
3. IBM PC
4. Digital Clock (डिजिटल घड़ी)
डिजिटल COMPUTER की विशेषताएं
1- डिजिटल COMPUTER में हम बड़ी मात्रा में जानकारी को स्टोर
कर सकते हैं।

2- यह स्टोर डेटा को आवश्यकता के अनुसार पुनप्राप्त (retrieve)


कर सकता है।

3- यह ज्यादा महंगे नहीं होते।

4- यह तेज गति से कार्यो को पूरा करता है।

5- इसमें डेटा को डिजिटल रूप में संसाधित (process) किया जाता


है।

6- यह multi-tasking होता है अर्थात् इसमें हम एक समय में बहुत


सारें कार्य एक साथ कर सकते हैं.

6- Hybrid Computer (हाइब्रिड


COMPUTER)
● हाइब्रिड COMPUTER एक ऐसा COMPUTER है जिसमें एनालॉग
और डिजिटल दोनों कंप्यूटरों की विशेषताएं शामिल होती
है।

● दूसरे शब्दों में कहें तो, “हाइब्रिड COMPUTER एक ऐसा


COMPUTER होता है जिसे analog और digital COMPUTER को
आपस में मिलाकर बनाया गया है। हाइब्रिड COMPUTER में
इन दोनों कंप्यूटरों की कार्यक्षमता (functionality) होती
हैं।”
● हाइब्रिड COMPUTER का इस्तेमाल बहुत ही ज्यादा कठिन
गणना (calculation) करने के लिए किया जाता है।

● हाइब्रिड COMPUTER एनालॉग डेटा को प्राप्त करता है और


उन्हें प्रोसेस करने से पहले डिजिटल डेटा में बदल देता
है। सरल शब्दो में कहे तो हाइब्रिड COMPUTER एनालॉग
डेटा को डिजिटल डेटा में कन्वर्ट करने का काम करता है।

● इस COMPUTER का इस्तेमाल पेट्रोल पम्प, हवाई जहाज,


हॉस्पिटल और वैज्ञानिक कार्यों में किया जाता है।

हाइब्रिड COMPUTER के उदाहरण –


1- Speedometer (स्पीडोमीटर) – यह एक हाइब्रिड COMPUTER है
जिसका इस्तेमाल कार की स्पीड को measure (मापने) के लिए किया
जाता है।
2- Thermometer (थर्मोमीटर) – यह भी hybrid Computer है
जिसका इस्तेमाल हॉस्पिटल में मरीज के तापमान (temperature) को
मापने के लिए किया जाता है।
3- Auto Gasoline Pump (ऑटो गैसोलिन पंप) – यह पेट्रोल की
मात्रा को कैलकुलेट करता है और इसके साथ साथ यह पेट्रोल के
मूल्य को भी कैलकुलेट करता है।
हाइब्रिड COMPUTER की विशेषताएं
1- हाइब्रिड COMPUTER काफी तेज होती है जो तेज गति से गणना
करते है।

2- यह यूजर को सटीक (accurate) परिणाम दिखाता है।


3- यह बड़ी बड़ी equation को हल करने में सक्षम होता है।

4- यह ऑनलाइन डेटा को प्रोसेस करने में मदद करता है।

7- Super Computer (सुपर


COMPUTER)
● सुपर COMPUTER आकार में सबसे बड़े होते है। यह काफी
तेज COMPUTER होते है जो अपने कार्यो को बहुत कम समय
में पूरा कर देते है।

● सुपर COMPUTER का उपयोग बड़ी मात्रा में डेटा को


प्रोसेस करने के लिए किया जाता है।

● ये COMPUTER बहुत ही आधुनिक होते हैं जिनका इस्तेमाल


विशेष प्रकार के कार्यों को करने के लिए किया जाता है.

● ये दुनिया के सबसे शक्तिशाली COMPUTER होते हैं. सुपर


COMPUTER की स्पीड को FLOPS (Floating Point Operation
Per Second) में मापा जाता है.

● यह एक सेकंड में अरबों निर्देशों (instructions) को


प्रोसेस कर सकता है। इस COMPUTER में हजारो प्रोसेसर
एक साथ आपस में जुड़े होते है जिसकी वजह से इस COMPUTER
के काम करने की स्पीड तेज होती है।

● सुपर COMPUTER का इस्तेमाल वैज्ञानिक और इंजीनियरिंग


से संबंधित कार्यो के लिए भी किया जाता है जैसे :-
Weather Forecasting (मौसम की भविष्यवाणी करना) , और
परमाणु ऊर्जा अनुसंधान (nuclear energy research) में
आदि।

● पहला सुपर COMPUTER 1976 में रोजर क्रे (Roger Cray)


के द्वारा विकसित (develop) किया गया था। इस COMPUTER
का उपयोग चिकित्सा परीक्षणों (medical tests) के लिए भी
किया जाता है।
super
computer

सुपर COMPUTER के उदाहरण –


1. परम 8000 (भारत का पहला super computer )
2. IBM Summit
3. Sunway TaihuLight
4. NUDT Tianhe-2
5. Cray HPE Trinity
सुपर COMPUTER की विशेषताएं
1- यह COMPUTER काफी बड़े आकार (size) के होते है।

2- यह काफी महंगे COMPUTER होते है।

3- सुपर COMPUTER के कार्य करने की गति (स्पीड) काफी तेज होती


है।

4- यह एक सेकंड में अरबो खरबो गणना करने में सक्षम होता है।
5- सुपर COMPUTER की सुरक्षा बढ़ाने के लिए पासवर्ड को
डिक्रिप्ट (Decrypt) किया जा सकता है।

6- इसका इस्तेमाल परमाणु हथियारों को टेस्ट करने के लिए किया


जाता है।

8– Workstation (वर्कस्टेशन)
● वर्कस्टेशन COMPUTER एक विशेष प्रकार का COMPUTER
होता है जिसमें सामान्य COMPUTER की तुलना में अधिक
प्रोसेसिंग पावर होती है। आप वर्कस्टेशन में एक सामान्य
COMPUTER से ज्यादा काम कर सकते हैं।

● वर्कस्टेशन में एक तेज माइक्रोप्रोसेसर होता है, जिसमें


बड़ी मात्रा में रैम और हाई स्पीड ग्राफिक एडॉप्टर होता
है जो कार्य करने की स्पीड बढ़ाता है।

● यह एक सिंगल यूजर COMPUTER है जिसका अविष्कार


वर्कस्टेशन तकनीक और वैज्ञानिक अनुप्रयोगों के लिए
किया गया है। यह अपने कार्यो को बड़ी सटीकता (accuracy)
के साथ करता है।

● एक वर्कस्टेशन वीडियो एडिटिंग, हाई ग्राफिक्स में गेम


खेलना, और 3D एनीमेशन जैसे कठिन काम कर सकता है।
workstation

वर्कस्टेशन के उदाहरण –
1. Unix-based Sun
2. Compaq
3. SGI Workstation
वर्कस्टेशन की विशेषताएं
1- वर्कस्टेशन काफी महंगे होते है।

2- इसका इस्तेमाल जटील (complex) कार्यो को पूरा करने के लिए


किया जाता है।

3- यह सामान्य COMPUTER की तुलना में बेहतर ग्राफिक्स


प्रदान करता है।

4- इनकी स्टोरेज छमता भी काफी ज्यादा होती है।

9– PC (Personal Computer)
● पर्सनल COMPUTER एक छोटा और सस्ता COMPUTER होता है
जिसका इस्तेमाल एक समय में केवल एक व्यक्ति ही कर सकता
है.
● इस COMPUTER का निर्माण सामान्य कार्यों को पूरा करने
के लिए किया गया है। यह व्यक्तिगत उदेश्यो को पूरा करता
है जैसे :- असाइनमेंट पूरा करना, मूवी देखना, या ऑफिस के
काम करना आदि।

● इस COMPUTER में सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (सीपीयू),


मेमोरी, इनपुट यूनिट और आउटपुट यूनिट होता है.

● पर्सनल COMPUTER को माइक्रो COMPUTER भी कहते हैं.

पर्सनल COMPUTER के उदाहरण –


1. डेस्कटॉप
2. नोटबुक
3. टेबलेट
4. स्मार्टफोन
पर्सनल COMPUTER की विशेषताएं
1- पर्सनल COMPUTER में सीमित संख्या में सॉफ्टवेयर का
इस्तेमाल किया जा सकता है।

2- इसका आकार काफी छोटा होता है।

3- यह व्यक्तिगत उपयोग के लिए डिज़ाइन किया गया है।

4- इसको उपयोग करना काफी आसान होता है।

5- इसे सीखना भी काफी सरल है।

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