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6th Class Computer Basics Notes

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कक्षा 6 (Class 6) - कंप्यूटर बेसिक संपूर्ण नोट्स

शिक्षकों और छात्रों के लिए विस्तृत हैंडबुक (सरल हिंदी भाषा में)

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अध्याय 1: कंप्यूटर का परिचय (Introduction to Computer)


कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के 'Compute' शब्द से हुई है, जिसका
अर्थ होता है 'गणना करना'। साधारण शब्दों में, कंप्यूटर एक आधुनिक
इलेक्ट्रॉनिक मशीन (Electronic Machine) है जो यूजर द्वारा दिए गए कच्चे
डेटा (Input) को स्वीकार करती है, निर्देशों के अनुसार उसे प्रोसेस
(Process) करती है, और एक उपयोगी परिणाम (Output) प्रदान करती है।

कंप्यूटर का कार्य चक्र: IPO साइकिल (Input-Process-Output)


कंप्यूटर मुख्य रूप से तीन चरणों में कार्य करता है। इसे 'IPO Cycle' कहा
जाता है:

1. इनपुट (Input): यूजर द्वारा कीबोर्ड, माउस या किसी अन्य डिवाइस के


जरिए कंप्यूटर में डेटा और निर्देश भेजने की प्रक्रिया को इनपुट कहते
हैं। उदाहरण: संख्या '5' और '10' देना और उन्हें जोड़ने का निर्देश देना।

2. प्रोसेसिंग (Processing): सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट (CPU) इनपुट


किए गए डेटा पर निर्देशों के अनुसार काम करता है। उदाहरण: '5 + 10' की
गणना करना। यह काम कंप्यूटर के अंदर बहुत तेजी से होता है।
3. आउटपुट (Output): प्रोसेसिंग पूरी होने के बाद जो अंतिम परिणाम
हमें मॉनिटर स्क्रीन या प्रिंटर के माध्यम से मिलता है, उसे आउटपुट
कहते हैं। उदाहरण: स्क्रीन पर '15' दिखाई देना।

कंप्यूटर की मुख्य विशेषताएं (Characteristics of Computer)


* गति (Speed): कंप्यूटर लाखों गणनाएं मात्र एक सेकंड में कर सकता है।
इसकी गति को हर्ट्ज़ (Hz) में मापा जाता है।

* सटीकता (Accuracy): यह बिना किसी गलती के शत-प्रतिशत सही परिणाम


देता है। यदि इनपुट सही है, तो आउटपुट हमेशा सही होगा।

* कर्मठता (Diligence): यह इंसानों की तरह थकता नहीं है और न ही इसकी


एकाग्रता कम होती है। यह घंटों लगातार काम कर सकता है।
* कोई बुद्धिमत्ता नहीं (No IQ): कंप्यूटर के पास अपनी कोई भावना या
सोचने की क्षमता (IQ) नहीं होती। यह केवल हमारे निर्देशों पर चलता है।
अध्याय 2: कंप्यूटर के मुख्य भाग - हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर

कंप्यूटर प्रणाली दो मुख्य स्तंभों पर टिकी है, जिनके बिना कंप्यूटर काम
नहीं कर सकता:

1. हार्डवेयर (Hardware)
कंप्यूटर के वे भौतिक भाग (Physical Parts) जिन्हें हम अपनी आँखों से देख
सकते हैं और हाथों से छू सकते हैं, हार्डवेयर कहलाते हैं। हार्डवेयर को
चार श्रेणियों में बांटा जा सकता है:

अ) इनपुट डिवाइस: डेटा अंदर भेजने वाले यंत्र (जैसे- Keyboard,


Mouse, Scanner, Microphone)।
ब) आउटपुट डिवाइस: परिणाम दिखाने वाले यंत्र (जैसे- Monitor,
Printer, Speaker, Projector)।
स) प्रोसेसिंग डिवाइस: डेटा को प्रोसेस करने वाला मुख्य भाग यानी
CPU (Central Processing Unit)। इसे कंप्यूटर का 'दिल और दिमाग' कहा
जाता है।
द) स्टोरेज डिवाइस: डेटा को सुरक्षित रखने वाले यंत्र (जैसे- Hard
Disk, SSD, Pen Drive)।

2. सॉफ्टवेयर (Software)
निर्देशों और प्रोग्रामों का वह समूह जो हार्डवेयर को यह बताता है कि उसे
क्या और कैसे करना है, सॉफ्टवेयर कहलाता है। इसे हम छू नहीं सकते, केवल
स्क्रीन पर देख और महसूस कर सकते हैं। यह दो प्रकार का होता है:

अ) सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software / Operating System):


यह कंप्यूटर को चालू करने और उसके आंतरिक भागों को नियंत्रित करने
का काम करता है। इसके बिना कंप्यूटर एक खाली डिब्बा है। उदाहरण:
Windows 10/11, Android, Linux।
ब) एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software): ये वे
प्रोग्राम होते हैं जो किसी खास काम को करने के लिए बनाए जाते हैं।
उदाहरण: पेंटिंग के लिए MS Paint, टाइपिंग के लिए MS Word, और
वीडियो देखने के लिए VLC Player।

अध्याय 3: कंप्यूटर मेमोरी (Computer Memory)


जिस प्रकार इंसानों के पास चीजों को याद रखने के लिए दिमाग होता है, उसी
प्रकार कंप्यूटर के पास डेटा और निर्देशों को सहेजने के लिए 'मेमोरी' होती
है। कंप्यूटर मेमोरी मुख्य रूप से दो प्रकार की होती है:
1. प्राथमिक मेमोरी (Primary / Internal Memory)
यह कंप्यूटर की मुख्य और अस्थायी मेमोरी होती है। यह सीधे CPU से जुड़ी
होती है।
* RAM (Random Access Memory): रैंडम एक्सेस मेमोरी। यह
कंप्यूटर की कार्यकारी (Working) मेमोरी है। जब तक कंप्यूटर चालू रहता
है, डेटा इसमें रहता है। कंप्यूटर बंद होते ही इसका सारा डेटा मिट जाता
है। इसलिए इसे 'अस्थायी' (Volatile) मेमोरी कहते हैं।

* ROM (Read Only Memory): रीड ओनली मेमोरी। इसमें कंप्यूटर को


शुरू करने वाले बुनियादी निर्देश स्थायी रूप से लिखे होते हैं।
कंप्यूटर बंद होने पर भी इसका डेटा नष्ट नहीं होता। इसे केवल पढ़ा जा
सकता है, बदला नहीं जा सकता। इसलिए यह 'स्थायी' (Non-Volatile) मेमोरी
है।

2. द्वितीयक मेमोरी (Secondary / External Memory)


यह डेटा को भविष्य के लिए बहुत बड़े पैमाने पर सुरक्षित रखने के लिए उपयोग
की जाती है। यह पूरी तरह से स्थायी होती है। कंप्यूटर बंद होने पर भी डेटा
सुरक्षित रहता है। उदाहरण: Hard Disk, SSD (Solid State Drive), Pen Drive,
Memory Card।

कंप्यूटर मेमोरी की इकाइयाँ (Memory Units)


कंप्यूटर केवल '0' और '1' की भाषा समझता है, जिसे बाइनरी भाषा (Binary
Language) या बिट्स कहते हैं।
* 1 Bit = 0 या 1 (सबसे छोटी इकाई)
* 8 Bits = 1 Byte (बाइट) - जो एक अक्षर के बराबर होता है।
* 1024 Bytes = 1 Kilo Byte (KB)
* 1024 KB = 1 Mega Byte (MB)
* 1024 MB = 1 Giga Byte (GB)

अध्याय 4: विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम, फाइल्स और फोल्डर्स

जब हम कंप्यूटर चालू करते हैं, तो सबसे पहले दिखने वाली स्क्रीन को


डेस्कटॉप (Desktop) कहते हैं। डेस्कटॉप पर दिखने वाले छोटे-छोटे चित्रों
को आइकन्स (Icons) कहा जाता है, जैसे- This PC, Recycle Bin आदि।

फाइल और फोल्डर में अंतर (File vs Folder)


* फाइल (File): कंप्यूटर में किसी भी जानकारी, गाने, फोटो, या लिखे हुए
डॉक्यूमेंट को जब सेव किया जाता है, तो वह एक 'फाइल' के रूप में सुरक्षित
होती है। हर फाइल का एक नाम और एक एक्सटेंशन (जैसे .jpg, .docx) होता है।

* फोल्डर (Folder): फोल्डर एक अलमारी या दराज की तरह होता है जिसके


अंदर बहुत सारी फाइलों को व्यवस्थित करके रखा जाता है। एक फोल्डर के
अंदर दूसरे फोल्डर भी बनाए जा सकते हैं, जिन्हें सब-फोल्डर (Sub-folder)
कहते हैं। इसका कोई एक्सटेंशन नहीं होता और इसका रंग आमतौर पर पीला
होता है।

नया फोल्डर बनाने की विधि (Steps to Create a New Folder)


स्टेप 1: माउस के राइट (Right) बटन को डेस्कटॉप या किसी भी ड्राइव के
खाली स्थान पर क्लिक करें।
स्टेप 2: सामने आए मेनू में से 'New' विकल्प पर माउस कर्सर ले जाएं।

स्टेप 3: इसके बाद बगल में खुले सब-मेनू में से सबसे ऊपर 'Folder' पर
लेफ्ट (Left) क्लिक करें।

स्टेप 4: स्क्रीन पर 'New Folder' नाम से एक पीला बॉक्स बन जाएगा। अब


कीबोर्ड से अपना मनपसंद नाम टाइप करें और 'Enter' दबाएं।

5: कंप्यूटर नेटवर्क और इंटरनेट (Computer Network


अध्याय
& Internet)
जब दो या दो से अधिक कंप्यूटरों को आपस में जानकारी और संसाधनों (जैसे
प्रिंटर) को साझा करने के लिए जोड़ा जाता है, तो उसे कंप्यूटर नेटवर्क कहते
हैं।

इंटरनेट क्या है? (What is Internet?)


इंटरनेट दुनिया का सबसे बड़ा कंप्यूटर नेटवर्क है। इसे 'नेटवर्कों का
नेटवर्क' भी कहा जाता है। इसके जरिए दुनिया भर के करोड़ों कंप्यूटर आपस में
तार या बिना तार (Wireless) के जुड़े हुए हैं।

इंटरनेट के मुख्य उपयोग और महत्वपूर्ण शब्द:


* वेब ब्राउज़र और वेबसाइट: इंटरनेट पर करोड़ों सूचनाओं का संग्रह
'वेबसाइट' कहलाता है। वेबसाइट को खोलने के लिए उपयोग होने वाले
सॉफ्टवेयर को वेब ब्राउज़र कहते हैं। उदाहरण: Google Chrome,
Microsoft Edge।
* सर्च इंजन (Search Engine): इंटरनेट पर किसी भी जानकारी को ढूंढने
के लिए हम सर्च इंजन का उपयोग करते हैं। उदाहरण: Google, Bing।
* ई-मेल (E-mail): इसका पूरा नाम इलेक्ट्रॉनिक मेल है। इसके द्वारा हम
इंटरनेट के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को पत्र, फोटो या फाइलें पलक
झपकते ही भेज सकते हैं।

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