अनुक्रमणिका (INDEX)
क्रम संख्या विषय
1 ICT का परिचय
2 ICT का अर्थ
3 ICT की आवश्यकता
4 ICT के उद्देश्य
5 ICT के प्रकार
कंप्यूटर का
6
परिचय
कंप्यूटर की
7
परिभाषा
कंप्यूटर की
8
विशेषताएँ
कंप्यूटर का
9
कार्य (IPO Cycle)
कंप्यूटर के
10
मुख्य घटक
हार्डवेयर का
11
परिचय
12 इनपुट डिवाइस
13 आउटपुट डिवाइस
CPU (Central
14
Processing Unit)
मेमोरी
15 (प्राथमिक एवं
द्वितीयक)
सॉफ्टवेयर का
16
परिचय
सिस्टम
17
सॉफ्टवेयर
एप्लीकेशन
18
सॉफ्टवेयर
कंप्यूटर के
19
प्रकार
20 विशेष शिक्षा
में कंप्यूटर का
क्रम संख्या विषय
महत्व
कंप्यूटर का
21
सुरक्षित उपयोग
ICT का परिचय
ICT का पूर्ण रूप Information
and Communication Technology
है।
हिंदी में इसे सूचना एवं
संचार प्रौद्योगिकी कहा जाता है।
ICT आधुनिक तकनीक का वह माध्यम है जिसके द्वारा हम
जानकारी को एकत्रित, संग्रहीत, प्रसारित और साझा करते
हैं। शिक्षा के क्षेत्र में ICT का उपयोग शिक्षण–अधिगम
प्रक्रिया को सरल, रोचक और प्रभावी बनाने के लिए किया
जाता है।
आज के समय में कंप्यूटर, लैपटॉप, मोबाइल, इंटरनेट,
स्मार्ट बोर्ड, प्रोजेक्टर आदि ICT के प्रमुख साधन
हैं। विशेष शिक्षा (Special Education) में ICT का महत्व और
भी अधिक है क्योंकि यह दिव्यांग बच्चों की व्यक्तिगत
आवश्यकताओं के अनुसार सामग्री तैयार करने में सहायक
होता है।
2. ICT का अर्थ
ICT दो शब्दों से मिलकर बना है –
Information (सूचना) – किसी भी प्रकार की जानकारी
Communication (संचार) – सूचना का आदान-प्रदान
Technology (प्रौद्योगिकी) – तकनीकी उपकरणों का
उपयोग
अर्थात ICT वह तकनीक है जिसके माध्यम से सूचना को एक
स्थान से दूसरे स्थान तक पहुँचाया जाता है।
उदाहरण:
ऑनलाइन कक्षा
व्हाट्सएप पर नोट्स भेजना
यूट्यूब वीडियो से पढ़ाना
स्मार्ट क्लास
3. ICT आधारित TLM की आवश्यकता
विशेष [Link] के संदर्भ में ICT आधारित TLM की
आवश्यकता निम्न कारणों से है –
1. व्यक्तिगत अंतर को ध्यान में रखना – प्रत्येक
बच्चा अलग गति से सीखता है।
2. दिव्यांग बच्चों के लिए सहायक – जैसे दृष्टिबाधित,
श्रवण बाधित, बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के लिए
ऑडियो, वीडियो, चित्र आधारित सामग्री।
3. सीखने में रुचि बढ़ाना
4. समझ को स्पष्ट करना
5. समय की बचत
6. डिजिटल युग की आवश्यकता
4. ICT आधारित TLM के उद्देश्य
1. शिक्षण को प्रभावी बनाना
2. विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना
3. जटिल विषयों को सरल बनाना
4. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अनुकूल
वातावरण तैयार करना
5. आत्मनिर्भर अधिगम को बढ़ावा देना
6. मल्टीमीडिया के माध्यम से बहु-इंद्रिय अधिगम
(Multi-sensory Learning) कराना
5. ICT आधारित शिक्षण–अधिगम सामग्री के प्रकार
(1) ऑडियो सामग्री
रिकॉर्डेड लेक्चर
कविता, कहानी की रिकॉर्डिंग
(2) वीडियो सामग्री
एनिमेशन
शैक्षिक वीडियो
(3) डिजिटल प्रस्तुति (Presentation)
PowerPoint
Google Slides
(4) ई-कंटेंट
PDF नोट्स
ई-बुक
(5) इंटरएक्टिव सामग्री
क्विज
गेम आधारित शिक्षण
(6) सहायक तकनीक (Assistive Technology)
स्क्रीन रीडर
स्पीच टू टेक्स्ट
ऑडियो सामग्री (Audio Material)
ऑडियो सामग्री वह शिक्षण सामग्री है जिसे छात्र सुनकर
सीखते हैं। यह विशेष रूप से दृष्टिबाधित, धीमी पढ़ाई
वाले या श्रवण आधारित शिक्षार्थियों के लिए उपयोगी
होती है।
• रिकॉर्डेड लेक्चर
शिक्षक द्वारा विषय समझाते हुए ऑडियो रिकॉर्ड
करना।
छात्र इसे बार-बार सुन सकते हैं।
अनुपस्थित छात्रों के लिए भी उपयोगी।
मोबाइल, रेडियो या कंप्यूटर से सुना जा सकता है।
उदाहरण: हिंदी व्याकरण का पाठ रिकॉर्ड कर
व्हाट्सऐप या LMS पर साझा करना।
• कविता, कहानी की रिकॉर्डिंग
कविता का भावपूर्ण पाठ या कहानी का वाचन।
उच्चारण, लय और भाव समझने में सहायता।
छोटे बच्चों के लिए विशेष रूप से प्रभावी।
उदाहरण: “कबीर के दोहे” का ऑडियो सुनाकर अर्थ
समझाना।
(2) वीडियो सामग्री (Video Material)
वीडियो सामग्री में चित्र और ध्वनि दोनों होते हैं,
जिससे विषय अधिक स्पष्ट और रोचक बनता है।
• एनिमेशन
चित्रों को गतिशील बनाकर जटिल विषय सरल करना।
विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान में उपयोगी।
बच्चों की रुचि बढ़ाता है।
उदाहरण: सौरमंडल का एनिमेटेड वीडियो दिखाना।
• शैक्षिक वीडियो
विषय विशेषज्ञ द्वारा तैयार शिक्षण वीडियो।
प्रयोग, मॉडल या गतिविधि का प्रदर्शन।
YouTube या DIKSHA जैसे प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध।
उदाहरण: विज्ञान प्रयोग का वीडियो दिखाकर
प्रक्रिया समझाना।
(3) डिजिटल प्रस्तुति (Presentation)
डिजिटल प्रस्तुति के माध्यम से शिक्षक स्लाइड के जरिए
विषय को क्रमबद्ध तरीके से प्रस्तुत करते हैं।
• PowerPoint
स्लाइड आधारित प्रस्तुति।
चित्र, चार्ट, ग्राफ, वीडियो जोड़ सकते हैं।
कक्षा में प्रोजेक्टर द्वारा दिखाया जाता है।
लाभ: विषय आकर्षक और व्यवस्थित बनता है।
• Google Slides
ऑनलाइन स्लाइड प्रस्तुति।
एक से अधिक लोग मिलकर संपादन कर सकते हैं।
इंटरनेट के माध्यम से साझा करना आसान।
(4) ई-कंटेंट (E-Content)
ई-कंटेंट वह सामग्री है जो डिजिटल रूप में उपलब्ध होती
है।
• PDF नोट्स
पाठ्य सामग्री का डिजिटल रूप।
मोबाइल या कंप्यूटर में सुरक्षित रखी जा सकती है।
प्रिंट भी किया जा सकता है।
• ई-बुक
पुस्तक का डिजिटल संस्करण।
कभी-भी, कहीं-भी पढ़ सकते हैं।
खोज (Search) सुविधा उपलब्ध।
(5) इंटरएक्टिव सामग्री (Interactive Material)
यह सामग्री छात्रों को सक्रिय भागीदारी के लिए
प्रेरित करती है।
• क्विज
बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ)।
तुरंत परिणाम और फीडबैक।
Google Forms या Kahoot जैसे माध्यम से।
• गेम आधारित शिक्षण
खेल के माध्यम से सीखना।
गणित, भाषा आदि विषयों में उपयोगी।
सीखने में आनंद और प्रतिस्पर्धा की भावना।
(6) सहायक तकनीक (Assistive Technology)
यह तकनीक विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए उपयोगी
है।
• स्क्रीन रीडर
कंप्यूटर या मोबाइल की स्क्रीन पर लिखे शब्दों को
पढ़कर सुनाता है।
दृष्टिबाधित छात्रों के लिए सहायक।
उदाहरण: NVDA, JAWS।
• स्पीच टू टेक्स्ट
बोलने पर शब्द स्वतः लिखित रूप में बदल जाते हैं।
लेखन में कठिनाई वाले छात्रों के लिए सहायक।
उदाहरण: Google Voice Typing।
कंप्यूटर का परिचय
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डेटा को इनपुट के
रूप में स्वीकार करता है, उसे प्रोसेस करता है और
आउटपुट के रूप में परिणाम प्रदान करता है।
कंप्यूटर शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी शब्द “Compute” से
हुई है, जिसका अर्थ है “गणना करना”।
2. कंप्यूटर की परिभाषा
कंप्यूटर एक प्रोग्राम योग्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है
जो दिए गए निर्देशों के अनुसार कार्य करता है और तेज
गति से सटीक परिणाम देता है।
3. कंप्यूटर की विशेषताएँ
1. गति (Speed) – सेकंडों में लाखों गणनाएँ करता है।
2. शुद्धता (Accuracy) – सही निर्देश मिलने पर
त्रुटिरहित परिणाम देता है।
3. संग्रहण क्षमता (Storage) – बड़ी मात्रा में डेटा
संग्रहीत कर सकता है।
4. स्वचालन (Automation) – एक बार निर्देश देने पर
स्वतः कार्य करता है।
5. बहुकार्य क्षमता (Multitasking) – एक साथ कई कार्य कर
सकता है।
4. कंप्यूटर का मूल कार्य (IPO Cycle)
कंप्यूटर मुख्य रूप से तीन चरणों में कार्य करता है:
1. Input (इनपुट) – डेटा दर्ज करना
2. Process (प्रोसेस) – डेटा को संसाधित करना
3. Output (आउटपुट) – परिणाम दिखाना
उदाहरण:
कीबोर्ड से संख्या टाइप करना → CPU द्वारा गणना →
मॉनिटर पर परिणाम दिखना
5. कंप्यूटर के मुख्य घटक (Components of Computer)
कंप्यूटर के दो मुख्य भाग होते हैं:
1. हार्डवेयर
2. सॉफ्टवेयर
(A) हार्डवेयर (Hardware)
वे भाग जिन्हें हम देख और छू सकते हैं।
1. इनपुट डिवाइस (Input Devices)
ये उपकरण कंप्यूटर को डेटा देने के लिए उपयोग किए जाते
हैं।
कीबोर्ड
माउस
स्कैनर
माइक्रोफोन
वेबकैम
2. आउटपुट डिवाइस (Output Devices)
ये उपकरण परिणाम दिखाने के लिए उपयोग किए जाते हैं।
मॉनिटर
प्रिंटर
स्पीकर
प्रोजेक्टर
3. CPU (Central Processing Unit)
CPU को कंप्यूटर का “मस्तिष्क” कहा जाता है।
CPU के तीन मुख्य भाग होते हैं:
1. ALU (Arithmetic Logic Unit) – गणितीय एवं तार्किक
कार्य करता है।
2. CU (Control Unit) – सभी कार्यों को नियंत्रित करता
है।
3. Registers – अस्थायी डेटा संग्रहण।
4. मेमोरी (Memory)
(1) प्राथमिक मेमोरी (Primary Memory)
RAM (Random Access Memory)
ROM (Read Only Memory)
(2) द्वितीयक मेमोरी (Secondary Memory)
हार्ड डिस्क
पेन ड्राइव
CD/DVD
(B) सॉफ्टवेयर (Software)
सॉफ्टवेयर वह प्रोग्राम है जो हार्डवेयर को कार्य
करने के निर्देश देता है।
1. सिस्टम सॉफ्टवेयर (System Software)
उदाहरण:
Microsoft Windows
यह कंप्यूटर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है।
2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (Application Software)
उदाहरण:
Microsoft Word
Microsoft Excel
Microsoft PowerPoint
इनका उपयोग विशेष कार्यों के लिए किया जाता है।
6. कंप्यूटर के प्रकार
1. डेस्कटॉप कंप्यूटर
2. लैपटॉप
3. टैबलेट
4. सुपर कंप्यूटर